टूटी हुई चेन
B1कल दोपहर रमेश गैरेज में अपनी पुरानी माउंटेन बाइक ठीक कर रहा था। उसे अचानक पता चला कि चेन टूट गई है। इस साल वह चेन की दो बार मरम्मत कर चुका था, लेकिन इस बार नुकसान ज्यादा गंभीर लग रहा था। रमेश टूलबॉक्स में अतिरिक्त लिंक ढूंढ रहा था कि ठीक उसी समय उसकी दोस्त प्रिया आ गई। प्रिया ने कहा, "अगर आज तुम इसे ठीक नहीं कर पाए तो कल हम ग्रुप राइड मिस कर देंगे।" रमेश ने सबको वादा किया था कि वह बीस किलोमीटर की ट्रेल राइड में शामिल होगा। बात करते हुए प्रिया ने टूटी हुई चेन के टुकड़े उठाए और ध्यान से देखे। उसे अचानक याद आया कि उसके चाचा शहर में एक छोटी सी साइकिल की दुकान चलाते हैं और पिछले महीने उन्होंने प्रिया के लिए नई चेन लगाई थी। रमेश ने हाथ पुराने कपड़े से पोंछे और उसे उम्मीद भरी नजरों से देखा। उन्होंने तय किया कि दुकान बंद होने से पहले वहां जाएं।
गैरेज से निकलते समय रमेश का फोन बज उठा। यह उसकी बहन का फोन था। वह पूछ रही थी कि क्या उसने उसका पंक्चर टायर ठीक किया है। रमेश ने बताया कि वह अभी अपनी साइकिल ठीक कर रहा है, लेकिन ग्रुप राइड के बाद वह उसकी मदद करेगा।
दुकान पर मालिक ने एक मजबूत चेन ढूंढी जो बिल्कुल फिट बैठी। पैसे देते समय प्रिया ने शेल्फ पर चमकदार लाल ब्रेक पैड देखे और सुझाव दिया कि रमेश उन्हें भी बदल ले।
घर लौटने तक सूरज डूब चुका था। रमेश ने गैरेज की रोशनी में काम किया और नए पार्ट्स लगाए। उसने बाइक की जांच की और मुस्कुराया क्योंकि अब गियर आसानी से बदल रहे थे। अगर कल मौसम सूखा रहा तो वे पहाड़ियों से होकर शानदार राइड का मजा लेंगे।