सीमा विवाद पर परामर्श

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503 vārdi · ⁦~3⁩ min lasīšana · Augstā

ग्राहकनमस्कार। मैं कमला निगम हूँ और अपने बग़ीचे तथा पड़ोसी के बग़ीचे के बीच की सीमा के बारे में बात करने आई हूँ।

अधिवक्तानमस्कार। मैं हरिश्चंद्र दुबे हूँ। कृपया बैठिए। आपने जो काग़ज़ात पहले भेजे थे, उनसे यही लगता है कि मामला उस कथित अतिक्रमण का है जो पिछले सितंबर में शुरू हुआ।

ग्राहकजी, ठीक यही बात है। श्री अवधेश कौशिक, जो जबलपुर में मेरे बग़ल वाले मकान में रहते हैं, उन्होंने मेरी सीमा रेखा से पचासी सेंटीमीटर अंदर आकर बाड़ खड़ी कर दी है। उनका कहना है कि सीमा उस पुरानी मेंहदी की बाड़ पर चलती थी, जो अब हटा दी गई है।

अधिवक्तायहाँ सँभलकर चलना होगा। आपने जो रजिस्ट्री के काग़ज़ दिए हैं, वे उन्नीस सौ अठहत्तर के हैं, और उनमें असली सीमा उसी पुरानी पत्थर की दीवार की रेखा पर बताई गई है। फिर भी, लंबे समय तक चुप रहने को कुछ हालात में प्रतिकूल कब्ज़े के दावे का सहारा माना जा सकता है।

ग्राहकमेरे पास बाड़ लगने से पहले की तस्वीरें हैं, और दो हज़ार इक्कीस में कराई गई एक सर्वेक्षक की रिपोर्ट भी है। क्या ये उस दावे को काटने के लिए काफ़ी होंगी?

अधिवक्ताइनसे आपका पक्ष निश्चित रूप से मज़बूत होगा, फिर भी यह संभावना बनी रहती है कि अदालत असली सीमा चिह्नों का और प्रमाण माँग ले। इसलिए आगे बढ़ने से पहले किसी सीमा विशेषज्ञ से नए सिरे से पैमाइश करा लेना समझदारी होगी।

ग्राहकतो तुरंत अगला क़दम क्या होगा, और उस पर कितना ख़र्च आएगा?

अधिवक्तामेरी सलाह है कि पहले एक क़ानूनी नोटिस भेजा जाए, जिसमें आपका पक्ष साफ़ रखा जाए और श्री कौशिक से कहा जाए कि वे पंद्रह दिन के भीतर बाड़ हटा लें। वह नोटिस तैयार करने की फ़ीस पाँच हज़ार रुपये होगी, जीएसटी उससे अलग।

ग्राहकऔर अगर वे मानने से इनकार कर दें?

अधिवक्तातब हम दीवानी न्यायालय में वाद दायर करने पर विचार कर सकते हैं। पर उस रास्ते में पैसे का जोखिम भी है और काफ़ी देरी भी। मध्यस्थता एक कम टकराव वाला रास्ता हो सकता है, हालाँकि उसकी सफलता इसी पर टिकी रहेगी कि दोनों पक्ष कुछ झुकने को तैयार हों।

ग्राहकमैं अदालत से बचना ही चाहूँगी, फिर भी बाग़ की वह पट्टी यों ही छोड़ देना मुझे मंज़ूर नहीं।

अधिवक्तायह बिलकुल समझ में आता है। नोटिस भेजने से पहले मुझे आपकी यह पुष्टि चाहिए होगी कि पचासी सेंटीमीटर की वह नाप किसी नए सर्वेक्षण से जाँच ली गई है। ज़रा सा भी अंतर निकला तो पूरा दावा कमज़ोर पड़ सकता है।

ग्राहकसर्वेक्षक ने पिछले महीने ही यह आँकड़ा दोबारा पक्का किया है। मेरे पास वह पत्राचार भी है जिसमें श्री कौशिक ने पुरानी दीवार को ही सीमा माना था, हालाँकि वह दो साल पुराने ईमेल में है।

अधिवक्तावह स्वीकारोक्ति आगे चलकर काम की साबित हो सकती है। मैं इसी हफ़्ते सारे काग़ज़ात देख लूँगा और आपकी मंज़ूरी के लिए नोटिस का मसौदा भेज दूँगा। तब तक श्री कौशिक से ऐसी कोई सीधी बातचीत मत कीजिए जिसे बाद में समझौते की पेशकश समझा जा सके।

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1पड़ोसी का पूरा नाम क्या है?
2दोनों मकान किस शहर में हैं?
3कथित अतिक्रमण कब शुरू हुआ?
4सर्वेक्षक ने पचासी सेंटीमीटर की नाप कब दोबारा पक्की की?
5क़ानूनी नोटिस तैयार करने की फ़ीस कितनी बताई गई, जीएसटी अलग रखते हुए?

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