सूर्य कैफे का अंतिम दिन
A2पिछली गर्मियों में प्रिया ने सूर्य कैफे में दो महीने तक काम किया। अपने आखिरी दिन वह सुबह जल्दी उठी और अपनी नीली वर्दी पहन ली। वह आठ बजे कैफे पहुंच गई। उसका दोस्त राहुल पहले से ही वहां मौजूद था। दोनों ने मिलकर टेबल साफ किए और कॉफी मशीन तैयार की। दस बजे पहले ग्राहक आए।
दोपहर से पहले प्रिया ने तेईस कप कॉफी परोसी। उसने बत्तीस केक के टुकड़े भी बेचे।
दोपहर के बाद मालकिन श्रीमती शर्मा ने प्रिया को एक छोटा उपहार दिया। वह एक सुंदर नोटबुक थी। श्रीमती शर्मा ने कहा कि वे प्रिया के काम से बहुत खुश हैं।
चार बजे प्रिया और राहुल ने आखिरी बर्तन धोए। फिर उन्होंने अगले साल के बड़े कैलेंडर पर अपने नाम लिख दिए।
छह बजे जब प्रिया कैफे से निकली तो उसे थोड़ा दुख हुआ। वह जल्द ही स्कूल शुरू करने वाली थी। लेकिन उसने अगली गर्मियों में वापस आने की योजना बनाई।