आश्रय में मदद
A1मीरा हर शनिवार को पशु आश्रय में काम करती थी। वह पंद्रह साल की थी। आश्रय गंगा नदी के पास एक छोटे से शहर में था। वहाँ बीस कुत्ते और तीस बिल्लियाँ रहती थीं।
मीरा सुबह कमरे साफ करती थी। वह सब जानवरों को ताजा पानी देती थी। दस बजे वह कुत्तों को पार्क में घुमाती थी। कुत्ते खुश होते थे जब वे दौड़ते थे।
दोपहर में मीरा बिल्लियों को खाना खिलाती थी। वह छोटी काली बिल्ली मुनिया के साथ खेलती थी। मुनिया तीन साल की थी।
मीरा जानवरों के नाम किताब में लिखती थी। वह उन लोगों से बात करती थी जो नया पालतू चाहते थे। पिछले हफ्ते एक परिवार दो कुत्ते घर ले गया। मीरा काम के बाद थकी लेकिन खुश महसूस करती थी।