संगीत की कक्षा
A1श्रीमती मेहरा जयपुर के शांति स्कूल में संगीत सिखाती हैं। आज वे एक छोटा ढोल और दो बांसुरियां लेकर आती हैं। विद्यार्थी फर्श पर घेरे में बैठते हैं। पहले वे दस बार ताली बजाते हैं। फिर वे बारिश के बारे में एक छोटा गाना गाते हैं।
श्रीमती मेहरा ढोल राहुल को देती हैं। वह उसे चार बार धीरे से बजाता है। अनु को एक बांसुरी मिलती है। वह तीन ऊंचे स्वर बजाती है। फिर विक्रम दूसरी बांसुरी बजाता है। वह दो नीचे स्वर बनाता है। कक्षा शांति से सुनती है।
उसके बाद सब खड़े हो जाते हैं। वे कमरे में घूमते हुए गाना फिर गाते हैं। श्रीमती मेहरा अंत में मुस्कुराती हैं। वे कहती हैं कि विद्यार्थियों ने आज बहुत अच्छा किया।
घंटी साढ़े ग्यारह बजे बजती है। बच्चे वाद्य यंत्र रख देते हैं और कमरा छोड़ देते हैं।